| फ़्रीक्वेंसी | यह क्या है | किस काम आती है |
|---|---|---|
| 50–60 Hz | बिजली की भनभनाहट | सबवूफ़र और बेस जाँचना। |
| 165 Hz | वॉटर इजेक्ट टोन | फ़ोन स्पीकर से पानी निकालना। |
| 440 Hz | नोट A4 | साज़ ट्यून करना। |
| 1 kHz | स्टैंडर्ड टेस्ट टोन | ऑडियो लेवल जाँचना। |
| 10–17 kHz | ऊँची टोन | सुनने की सीमा की आसान जाँच। |
मुफ़्त · 1 Hz – 20 kHz · 4 वेवफ़ॉर्म
ऑनलाइन टोन जनरेटर: कोई भी फ़्रीक्वेंसी चलाएँ
फ़्रीक्वेंसी लिखें या स्लाइडर खिसकाएँ, वेवफ़ॉर्म चुनें और चलाएँ दबाएँ। टोन चलते-चलते बदली जा सकती है। एड्रेस बार का लिंक आपकी सेटिंग सेव रखता है।
हर्ट्ज़ में फ़्रीक्वेंसी लिखें, वेवफ़ॉर्म चुनें और चलाएँ दबाएँ। स्पीकर का पानी निकालने के लिए 165 Hz लें। साज़ ट्यून करने के लिए 440 Hz नोट A4 है।
काम की फ़्रीक्वेंसी
साइन, स्क्वेयर, ट्रायंगल और सॉटूथ
साइन सबसे शुद्ध टोन है: सिर्फ़ एक फ़्रीक्वेंसी। टेस्ट और पानी निकालने के लिए यही सही है।
स्क्वेयर की आवाज़ भनभनाती और खोखली होती है, पुराने वीडियो गेम जैसी। इसमें ऊँचे ओवरटोन ज़्यादा होते हैं, इसलिए उसी वॉल्यूम पर तेज़ लगती है।
ट्रायंगल दोनों के बीच की है: मुलायम, पर थोड़ी धार के साथ।
सॉटूथ चमकीली और तीखी होती है। इसमें सारे ओवरटोन होते हैं, जिससे स्पीकर की खड़खड़ाहट जैसी समस्याएँ साफ़ सुनाई देती हैं।
टोन जनरेटर से जुड़े सवाल
टोन शेयर कैसे करें?
ब्राउज़र से एड्रेस कॉपी करें। उसमें फ़्रीक्वेंसी और वेवफ़ॉर्म होता है, जैसे #f=165&w=sine।
बहुत नीची टोन क्यों नहीं सुनाई देती?
छोटे स्पीकर 100–150 Hz से नीचे ज़्यादा नहीं बजा पाते। बेस टोन सुनने के लिए हेडफ़ोन या बड़ा स्पीकर लें।
क्या ऊँची टोन सुरक्षित है?
वॉल्यूम कम रखें और तेज़ ऊँची टोन देर तक न चलाएँ। ये परेशान कर सकती हैं, और जानवर इन्हें इंसानों से ज़्यादा सुनते हैं।
क्या इससे टिनिटस मिलाया जा सकता है?
आप जो आवाज़ सुनते हैं उसकी पिच ढूँढ सकते हैं, लेकिन टिनिटस की सलाह के लिए डॉक्टर या ऑडियोलॉजिस्ट से बात करें।